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5 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ की गतिविधियां, विकास और देखà¤à¤¾à¤² | 5 Mahine Ke Shishu Ka Vikas
IN THIS ARTICLE
पांचवें महीने के बचà¥à¤šà¥‡ का वजन और हाइट कितनी होनी चाहिà¤?
5 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के विकास के माइलसà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• विकास
शारीरिक विकास
सामाजिक और à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• विकास
5 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ को कौन-कौन से टीके लगते हैं?
5 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठकितना दूध आवशà¥à¤¯à¤• है?
5 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठकितनी नींद आवशà¥à¤¯à¤• है?
5 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठखेल और गतिविधियां
5 महीने के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के माता-पिता की आम सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ चिंताà¤à¤‚
बचà¥à¤šà¥‡ की सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾, दृषà¥à¤Ÿà¤¿ और अनà¥à¤¯ इंदà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚
बेबी सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ का रखें खà¥à¤¯à¤¾à¤²
माता-पिता बचà¥à¤šà¥‡ के विकास में कैसे मदद कर सकते हैं?
5 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के विकास के बारे में माता-पिता को कब चिंतित होना चाहिà¤?
इस महीने के लिठचेकलिसà¥à¤Ÿ
अकà¥à¤¸à¤° पूछे जाने वाले सवाल
घर में ननà¥à¤¹à¥‡ मेहमान के आते ही वह ढेरों खà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का कारण बन जाता है। खà¥à¤¶à¥€ के इस कारण को लोग हमेशा फलते-फूलते ही देखना चाहते हैं। बचà¥à¤šà¤¾ जैसे-जैसे बड़ा होता है, उसमें कई बदलाव देखने को मिलते हैं। यह उसमें शारीरिक, मानसिक और सामाजिक बदलाव को दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¤¾ है। मॉमजंकà¥à¤¶à¤¨ के इस आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल के जरिठहम बताà¤à¤‚गे कि 5 महीने के शिशॠमें किस-किस पà¥à¤°à¤•ार के बदलाव होते हैं। साथ ही पांचवें महीने के बचà¥à¤šà¥‡ की गतिविधियों से à¤à¥€ आपको रूबरू करवाà¤à¤‚गे।
पांचवें महीने के बचà¥à¤šà¥‡ का वजन और हाइट कितनी होनी चाहिà¤?
पांचवें महीने के बचà¥à¤šà¥‡ का विकास तेजी से होता है। इस महीने में बेबी गरà¥à¤² का वजन 5.6 से 7.5 किलोगà¥à¤°à¤¾à¤® और लंबाई करीब 63.7 सेंटीमीटर हो सकती है। वहीं बेबी बॉय का वजन 6.2 से 8.2 किलोगà¥à¤°à¤¾à¤® और लंबाई करीब 64.7 सेंटीमीटर हो सकती है (1)। 3 माह तक के बचà¥à¤šà¥‡ 3.5 सेमी/माह की दर से बढ़ते हैं। इसके बाद 2 सेमी/माह की दर से बढ़ते हैं। साथ ही 5वें महीने में शिशॠका वजन उसके जनà¥à¤® के वजन से दोगà¥à¤¨à¤¾ होता है। उदाहरण के लिठअगर शिशॠका वजन जनà¥à¤® से 2 किलो था, तो 5वें महीने में 4-5 किलो हो सकता है।
नोट: शिशॠके वजन व लंबाई को चेक करने के लिठगà¥à¤°à¥‹à¤¥ चारà¥à¤Ÿ का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करना चाहिà¤à¥¤ साथ ही अधिक जानकारी के लिठआप बाल रोग विशेषजà¥à¤ž से मिल सकते हैं।
आइà¤, अब इस उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में होने वाले विकास के बारे में बात करते हैं।
5 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के विकास के माइलसà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
किसी à¤à¥€ शिशॠका विकास उसकी बà¥à¤¤à¥€ उमà¥à¤° पर निरà¥à¤à¤° करता है। जैसे-जैसे बचà¥à¤šà¤¾ बड़ा होता है, उसका विकास बेहतर तरीके से होता है। पांचवें महीने के बचà¥à¤šà¥‡ में à¤à¥€ à¤à¤¸à¥‡ बदलाव होते हैं। चलिà¤, पांचवें महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के विकास के माइलसà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ के बारे में जानते हैं।
मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• विकास
अधिक उतà¥à¤¸à¥à¤• और समà¤à¤¦à¤¾à¤° होना- पांचवें महीने में बचà¥à¤šà¤¾ तेजी से चीजों को समà¤à¤¨à¤¾ शà¥à¤°à¥‚ कर देता है। वह किसी à¤à¥€ चीज या खिलौने के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अपनी उतà¥à¤¸à¥à¤•ता को वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करता है। इसके अलावा, वह यह समà¤à¤¨à¥‡ लगता है कि आप ही वह वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ हैं, जो बार-बार उसके पास आते हैं (2)।
विचलित होना – पांचवें महीने में बचà¥à¤šà¥‡ अचानक से आई तेज आवाज या फिर किसी चीज के हलचल से विचलित या फिर सचेत हो सकते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में या तो वो डरकर रोने लगते हैं या फिर खà¥à¤¶ हो सकते हैं।
रंगों में अंतर करना – इतने माह के शिशॠरंगों में अंतर करना या अपने पसंद के रंगों के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ होना सीखने लगते हैं, लेकिन पूरी तरह से सकà¥à¤·à¤® नहीं होते हैं (3)।
à¤à¤¾à¤·à¤¾ में विकास होना – इस उमà¥à¤° के शिशॠमें à¤à¤¾à¤·à¤¾ का विकास नजर आने लगता है। वो खिलौने आदि से | प | और | ड | जैसे शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ के जरिठबात करने की कोशिश करते हैं (2)।
शारीरिक विकास
हाथों में नियंतà¥à¤°à¤£ – 5 माह के शिशॠअपने हाथों से पैर की उंगलियों को पकड़ने की कोशिश करते हैं। साथ ही खिलौनों को à¤à¥€ पकड़ने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करते हैं (2)।
टमी टाइम – इस माह में शिशॠहाथों पर अपने वजन को संà¤à¤¾à¤²à¤¨à¤¾ सीखने लगते हैं। टमी टाइम यानी पेट के बल लेटाने पर वो हाथों के बल पर अपने शरीर को ऊपर उठाने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करते हैं (2)।
गरà¥à¤¦à¤¨ को संà¤à¤¾à¤²à¤¨à¤¾ – वैसे शिशॠ2-3 महीने में अपनी गरà¥à¤¦à¤¨ को à¤à¥€ संà¤à¤¾à¤²à¤¨à¤¾ सीखने लगते हैं, लेकिन 5वें महीने तक आते-आते इसमें काफी सà¥à¤§à¤¾à¤° हो जाता है। वो हाथों पर नियंतà¥à¤°à¤£ कर आसानी से पलट सकते हैं और अपनी गरà¥à¤¦à¤¨ को ऊपर à¤à¥€ उठा सकते हैं (2)।
बैठने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करना- 5 माह के शिशॠका शारीरिक विकास इतना हो जाता है कि वो बैठने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करने लगते हैं। इस दौरान वह बिना सहारे के सिरà¥à¤« कà¥à¤› सेकंड के लिठबैठसकते हैं (2) (4)।
à¤à¤• दिशा में लà¥à¤¢à¤¼à¤•ना – अब पलटी मारना सीख जाते हैं। जब उसे पेट के बल लेटाया जाता है, तो वो पलटी मार सकते है (4)।
सà¥à¤µà¤¾à¤¦ का अहसास – पांचवे महीने तक के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• से ही पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की पूरà¥à¤¤à¥€ होती है (5)। à¤à¤• वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, जनà¥à¤® के बाद से शिशॠसà¥à¤µà¤¾à¤¦ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ सजग हो जाते हैं। वह सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के दौरान सà¥à¤µà¤¾à¤¦ का अंतर समà¤à¤¨à¥‡ लगते हैं। साथ ही मां के दूध की गंध को à¤à¥€ अचà¥à¤›à¥€ तरह से पहचान सकते हैं (6)। पांच माह के शिशॠको सिरà¥à¤« सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराया जाता है, इसलिठवो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दूध के अलावा किसी और सà¥à¤µà¤¾à¤¦ का पता नहीं होता।
नोट – जनà¥à¤® के बाद शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ पांच महीने में शिशॠको सिरà¥à¤« पीठके बल ही सà¥à¤²à¤¾à¤¨à¤¾ चाहिà¤à¥¤ इससे शिशॠकी अचानक मृतà¥à¤¯à¥ होने का खतरा नहीं रहता (4)।
सामाजिक और à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• विकास
परिचित चेहरों की पहचान – पांचवें महीने में शिशॠउन चेहरों को पहचानने लगता है, जो जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° उसके आसपास रहते हैं (2)।
माता-पिता के साथ खेलना – शिशॠको अपने माता पिता के साथ खेलना अचà¥à¤›à¤¾ लगता है। वह अपने हाथ और पैरों को तेजी से चलाते हà¥à¤ अपनी खà¥à¤¶à¥€ को जताते हैं (2)।
à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं को वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करना- जब कोई परिचित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ उनसे आकर बात करता है, तो वो अपनी à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को अपने चेहरे के हाव-à¤à¤¾à¤µ के जरिठवà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करते हैं। वह अपने हाथों को हिलाकर à¤à¥€ अपनी à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करते हैं (2)।
अब हम शिशॠको लगने वाले टीकों के बारे में बात करेंगे।
5 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ को कौन-कौन से टीके लगते हैं?
बचà¥à¤šà¥‡ के विकास में टीकाकरण à¤à¤¸à¥€ सीà¥à¥€ है, जिसके जरिठउनका विकास बेहतर तरीके से होता है (7)। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को टीकाकरण कब करवाना है इसके लिठआप आईà¤à¤ªà¥€ (इंडियन à¤à¤•ेडमी ऑफ पीडियाटà¥à¤°à¤¿à¤•à¥à¤¸) के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बनाई गई टीकाकरण की तालिका देख सकते हैं।
पांचवें महीने में शिशॠको कोई विशेष टीका नहीं लगाया जाता है, लेकिन अगर चौथे महीने में डीटी डबà¥à¤²à¥à¤¯à¥‚ पी 3, आईपीवी 3, हिब 3, रोटावायरस 3 व पीसीवी 3 टीके किसी कारणवश नहीं लगे हैं, तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ आप पांचवें महीने में à¤à¥€ लगाया जा सकता है (8)। इसके बावजूद शिशॠको 5 महीने का होने तक कम से कम 4 बार (जनà¥à¤® के बाद और छठे, 10वें व 14वें महीने में) तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास लेकर ही जाना चाहिà¤à¥¤
टीकाकरण के बाद आइठअब जानते हैं कि 5 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठकितना दूध जरूरी होता है।
5 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठकितना दूध आवशà¥à¤¯à¤• है?
पांच महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के विकास में दूध का अहम योगदान है। इतने छोटे शिशॠको सिरà¥à¤« मां का दूध दिया जाता है, जिसके जरिठउसे जरूरी पोषक ततà¥à¤µ मिलते हैं (9)। इतने माह का शिशॠकितना दूध पी सकता है, यहां हम उसी बारे में बता रहे हैं (10)।
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ – शिशॠके लिठमां के दूध से बेहतर कà¥à¤› नहीं हो सकता। शà¥à¤°à¥‚ के छह महीने शिशॠको सिरà¥à¤« मां का दूध ही देना चाहिà¤à¥¤ 5 महीने का शिशॠà¤à¤• दिन में 828 मिलीलीटर से 946.35 मिलीलीटर तक दूध पी सकता हैं। वह 24 घंटे में 4 से 6 बार मां के दूध का सेवन कर सकता है (11)।
फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध – वहीं, कà¥à¤› शिशà¥à¤“ं को विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ कारणों से फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध देना जरूरी हो जाता है। à¤à¤¸à¥‡ में 5 महीने का शिशॠलगà¤à¤— 887.2 मिलीलीटर तक फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध का सेवन कर सकता है (11)।
आइà¤, अब जानते हैं कि 5 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ को कितनी नींद की जरूरत होती है।
5 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठकितनी नींद आवशà¥à¤¯à¤• है?
किसी à¤à¥€ शिशॠके समà¥à¤ªà¥‚रà¥à¤£ विकास के लिठउसे परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ नींद मिलना जरूरी है। 5 महीने का बचà¥à¤šà¤¾ 24 घंटे में से 12-16 घंटे सो सकता है (12)।
5 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठखेल और गतिविधियां
बबल खेल – इसमें हम साबà¥à¤¨ के पानी का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करके बबलà¥à¤¸ बनाते हैं। à¤à¤¸à¥‡ गेम 5 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ को बहà¥à¤¤ पसंद आते हैं और वो अपनी गरà¥à¤¦à¤¨ उठाकर इन बबलà¥à¤¸ को देखने की कोशिश करते हैं।
कहानी सà¥à¤¨à¤¾à¤¨à¤¾ – इस उमà¥à¤° के शिशॠआवाज सà¥à¤¨à¤•र उसकी तरफ देखने और आवाज को पहचानने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करते हैं (2)। इसलिà¤, अगर आप कोई कहानी अपने बचà¥à¤šà¥‡ के सामने पà¥à¤¤à¥‡ हैं, तो वो निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ तौर पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देंगे। हां, वो कहानी को समà¤à¤¨à¥‡ में असमरà¥à¤¥ जरूर होते हैं, लेकिन कहानी सà¥à¤¨à¤¤à¥‡-सà¥à¤¨à¤¤à¥‡ सो जरूर सकते हैं।
आवाज वाले खिलौने – अपने बचà¥à¤šà¥‡ को खà¥à¤¶ करने के लिठआप विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के आवाज करने वाले खिलौने आदि का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— कर सकते हैं। साथ ही इस बात का विशेष धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि उस खिलौने से निकलने वाली आवाज आपके बचà¥à¤šà¥‡ के कान को नà¥à¤•सान न पहà¥à¤‚चाà¤à¥¤
खिलौनों को ढूंढना – आप शिशॠके पसंदीदा खिलौने को उसी के सामने छà¥à¤ªà¤¾ दें। वह खà¥à¤¦ ही उसे ढूंढने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करेगा। फिर जब आप अचानक उसके सामने खिलौने को लेकर आà¤à¤‚गे, तो वह खà¥à¤¶ हो जाà¤à¤—ा।
फà¥à¤²à¥‹à¤° खेल – इतने छोटे शिशॠके लिठखास मैट आता है, जिसके ऊपर खिलौने लगे होते हैं। जब शिशॠको इस पर लेटाया जाता है, तो वह खिलौनों को पकड़ने के लिठतेजी से हाथ-पांव चलाता है।
सिट-अप – इसमें शिशॠको बैठने की टà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤‚ग दी जाती है, ताकि वह खà¥à¤¦ से बैठना सीख सके। इसके लिठमाता-पिता बेबी को उसके हाथ के सहारे बैठाने की कोशिश करते हैं।
5 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठखेल और गतिविधियां जानने के बाद आइठजानते हैं कि पांच महीने के बचà¥à¤šà¥‡ को लेकर माता-पिता की आम सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ चिंताà¤à¤‚ कà¥à¤¯à¤¾ हो सकती हैं।
5 महीने के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के माता-पिता की आम सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ चिंताà¤à¤‚
कंजकà¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ – यह समसà¥à¤¯à¤¾ पैपांच महीने के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की आंखों में होने वाली समसà¥à¤¯à¤¾ है, जिसमें बचà¥à¤šà¥‡ की आंख में गà¥à¤²à¤¾à¤¬à¥€à¤ªà¤¨ आ जाता है। यह समसà¥à¤¯à¤¾ वायरस, बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ और à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ की वजह से होती है (13)। इस अवसà¥à¤¥à¤¾ में तà¥à¤°à¤‚त शिशॠचिकितà¥à¤¸à¤• से सलाह लें। साथ ही शिशॠके आंखों में कà¤à¥€ काजल नहीं लगाना चाहिà¤à¥¤ इससे à¤à¥€ उनकी आंखों में इंफेकà¥à¤¶à¤¨ हो सकता है और पानी आ सकता है।
उलà¥à¤Ÿà¥€ – पांचवें महीने के शिशॠमें उलà¥à¤Ÿà¥€ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। यह समसà¥à¤¯à¤¾ साधारण गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤‡à¤¨à¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ की वजह से à¤à¥€ हो सकती है या कà¤à¥€-कà¤à¥€ चलते-फिरते वाहन में बैठने की वजह से à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ को उलà¥à¤Ÿà¥€ हो सकती है (14)। अगर उलà¥à¤Ÿà¥€ लगातार हो रही है, तो शिशॠचिकितà¥à¤¸à¤• से तà¥à¤°à¤‚त सलाह लें।
मसूड़ों में सूजन – पांच महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के मसूड़ों में खà¥à¤œà¤²à¥€ होती है, जिस कारण वो कà¥à¤› à¤à¥€ मà¥à¤‚ह में डालकर चबाने लगते हैं। इससे उनके मसूड़े में चोट लग सकती है। वहीं, कà¥à¤› शिशà¥à¤“ं को पहला दांत निकलने के कारण à¤à¥€ मसूड़े में सूजन आ सकती है और दरà¥à¤¦ हो सकता है।
आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल के अगले हिसà¥à¤¸à¥‡ में हम पांच महीने के शिशॠमें होने वाले विकास के संबंध में अनà¥à¤¯ जानकारी दे रहे हैं।
बचà¥à¤šà¥‡ की सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾, दृषà¥à¤Ÿà¤¿ और अनà¥à¤¯ इंदà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚
कà¥à¤¯à¤¾ मेरा बचà¥à¤šà¤¾ देख सकता है?
पांचवें महीने के बेबी अपने आस-पास की दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ को समà¤à¤¨à¥‡ लगते हैं और वो अपने अपने आसपास हो रही गतिविधियों और लोगों को आते-जाते देखते रहते हैं। वो छोटी-छोटी वसà¥à¤¤à¥à¤“ं पर à¤à¥€ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देते हैं (2)।
कà¥à¤¯à¤¾ मेरा बचà¥à¤šà¤¾ सà¥à¤¨ सकता है?
5 महीने का बचà¥à¤šà¤¾ आवाज के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ à¤à¥€ सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ होता है। वह आसपास से आने वाली आवाजों को सà¥à¤¨à¤•र, उस ओर देखने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करता है। साथ ही अगर आप बात करते हैं, तो आवाज निकालकर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ दे सकता है (2)।
कà¥à¤¯à¤¾ मेरा बचà¥à¤šà¤¾ सà¥à¤µà¤¾à¤¦ और गंध को महसूस कर सकता है?
बचà¥à¤šà¥‡ सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• रूप से मीठे सà¥à¤µà¤¾à¤¦ को ही पसंद करते हैं। अगर आप उसे किसी नठसà¥à¤µà¤¾à¤¦ से परिचित कराना चाहते हैं, तो पहले उसे सिरà¥à¤« à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š ही दें। अगर वह उसे खा ले, तो सिरà¥à¤« à¤à¤•-दो चमà¥à¤®à¤š और दें। इससे आपका बचà¥à¤šà¤¾ जलà¥à¤¦ ही नठसà¥à¤µà¤¾à¤¦ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ हो सकता है और नठसà¥à¤µà¤¾à¤¦ व गंध को पहचान सकता है (15)।
बेबी सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ का रखें खà¥à¤¯à¤¾à¤²
मसूड़ों की देखà¤à¤¾à¤²- 5 महीने के बेबी के मसूड़ों की देखà¤à¤¾à¤² के लिठउसके सामने कोई à¤à¤¸à¤¾ सामान या खिलौना न रखें, जिससे उसके मसूड़ों में चोट लगने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ हो। इसके अलावा, बचà¥à¤šà¥‡ को सातवें महीने से पहले कà¥à¤› à¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ खाने को नहीं देना चाहिà¤, जिससे उसके मसूड़े कमजोर हो जाà¤à¤‚।
कैविटी को रोकना – 5 महीने का शिशॠअà¤à¥€ विकसित हो रहा होता है। इस दौरान उसे कैविटी से बचाना à¤à¥€ जरूरी है। आप उसे कैविटी से बचाने के लिठउसके मसूड़ों को मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® व गीले कपड़े से हलà¥à¤•े-हलà¥à¤•े हाथों से साफ करें। साथ ही शिशॠको फीडिंग कराने के बाद हमेशा उसके मà¥à¤‚ह को जरूर साफ करें (16)।
कीटाणà¥à¤“ं से बचाना – कीटाणà¥à¤“ं से बचाने के लिठपांच महीने के बचà¥à¤šà¥‡ की बैठने वाली जगह, उसके कपड़े और फरà¥à¤¶ आदि को पूरी तरीके से साफ रखें।
बेबी सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ जानने के बाद आइठजानते हैं कि माता-पिता बचà¥à¤šà¥‡ के विकास में कैसे योगदान दे सकते हैं।
माता-पिता बचà¥à¤šà¥‡ के विकास में कैसे मदद कर सकते हैं?
माता-पिता के बेहतर सहयोग से ही बचà¥à¤šà¥‡ के विकास में मदद मिल सकती है। यहां हम बता रहे हैं कि आप किस पà¥à¤°à¤•ार से शिशॠके शारीरिक व मानसिक विकास में मदद कर सकते हैं :
अगर माता-पिता शिशॠको बैठने में मदद करेंगे, तो वह जलà¥à¤¦ ही बैठना सीख जाà¤à¤—ा (4)।
बचà¥à¤šà¥‡ को किसी à¤à¥€ संकà¥à¤°à¤®à¤£ से बचाने के लिठअपने हाथों को अचà¥à¤›à¥‡ से धà¥à¤²à¤¨à¥‡ के बाद ही बचà¥à¤šà¥‡ को छà¥à¤à¤‚।
बचà¥à¤šà¥‡ को चलने के लिठऔर पेट के बल कà¥à¤°à¥‰à¤² करने के लिठपà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ करें।
बचà¥à¤šà¥‡ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फà¥à¤°à¥à¤¤à¥€à¤²à¥‡ और तेज हो सकें, इसलिठउनके सामने à¤à¤¸à¥‡ खिलौने रखें, जिसे पकड़ने के लिठलिठवो लगातार कोशिश करें। इससे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की मांसपेशियां मजबूत होंगी और बचà¥à¤šà¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ होगा।
कोई à¤à¥€ à¤à¤¸à¥€ चीज शिशॠके आसपास न छोड़ें, जो उसके हाथ में आ जाठऔर वो उसे मà¥à¤‚ह में डाल ले। यह चीज शिशॠके गले में फंस सकती है या उसे कोई संकà¥à¤°à¤®à¤£ à¤à¥€ हो सकता है।
शिशॠको कà¤à¥€ अकेला मत छोड़ें, खासकर अगर वह बेड पर खेल रहा हो। इससे वह नीचे गिर सकता है।
पांच महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के विकास में माता-पिता कैसे मदद कर सकते हैं यह जानने के बाद आइठअब जानते हैं कि 5 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के विकास के बारे में माता-पिता को कब चिंतित होना चाहिà¤
5 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के विकास के बारे में माता-पिता को कब चिंतित होना चाहिà¤?
शिशà¥à¤“ंं को कà¥à¤› समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ à¤à¤¸à¥€ हो सकती हैं, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ लेकर माता-पिता को चिंतित होना चाहिà¤à¥¤
अगर शिशॠका वजन और लंबाई सामानà¥à¤¯ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कम है, तो माता-पिता को चिंतित होने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है (1)।
अगर पांचवें महीने में बचà¥à¤šà¤¾ आवाज सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ के बाद à¤à¥€ कोई हरकत नहीं करता है, तो यह चिंता का विषय है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि पांचवें महीने तक बचà¥à¤šà¤¾ आवाज सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ के बाद पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ देने लगता है।
अगर बचà¥à¤šà¤¾ दूध नहीं पी रहा और रो रहा है, तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करना चाहिà¤à¥¤
शारीरिक विकास के अंतरà¥à¤—त पांच महीने के बचà¥à¤šà¥‡ अपने पैरों पर खà¥à¤¦ का वजन संà¤à¤¾à¤² सकते हैं अगर à¤à¤¸à¤¾ नहीं है तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें।
अगर वह अपनी गरà¥à¤¦à¤¨ को संà¤à¤¾à¤² नहीं पा रहा हो, तो यह गंà¤à¥€à¤° विषय है। इस अवसà¥à¤¥à¤¾ में देरी किठबिना डॉकà¥à¤Ÿà¤° को दिखाना चाहिà¤à¥¤
5 माह के शिशॠचीजों को पकड़कर अपने मà¥à¤‚ह तक ले जा सकते हैं। अगर वह à¤à¤¸à¤¾ न करे, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से जरूर बात करनी चाहिà¤à¥¤
इस महीने के लिठचेकलिसà¥à¤Ÿ
पांचवे महीने में बचà¥à¤šà¤¾ पेट के सहारे कà¥à¤°à¥‰à¤² (घिसटने/आगे बà¥à¤¨à¥‡ की कोशिश) करने की कोशिश करते रहते हैं, इस समय उनका खà¥à¤¯à¤¾à¤² रखें।
इस समय बचà¥à¤šà¥‡ 12-16 घंटे सोते हैं, उनकी नींद पूरी हो सके इसके लिठउनके पास शोर न होने दें (12)।
बचà¥à¤šà¥‡ की आंख में गà¥à¤²à¤¾à¤¬à¥€à¤ªà¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ और खà¥à¤œà¤²à¥€ हो सकती है, à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लें (17)।
इस दौरान बचà¥à¤šà¥‡ को दूध पिलाने के समय का खास खà¥à¤¯à¤¾à¤² रखें और उसे 24 घंटे में जरà¥à¤°à¥€ फीडिंग देते रहें।
रूटीन चेक-अप के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास अवशà¥à¤¯ जाà¤à¤‚।
अकà¥à¤¸à¤° पूछे जाने वाले सवाल
मैं अपने 5 महीने के शिशॠको कौन-कौन से खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ दे सकती हूं?
पांच महीने के शिशॠके विकास के लिठअकà¥à¤¸à¤° माता-पिता यही चाहते हैं कि वो जलà¥à¤¦à¥€ से जलà¥à¤¦à¥€ अपने बचà¥à¤šà¥‡ को खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ देना शà¥à¤°à¥‚ कर दें, लेकिन यह सही नहीं है। पांच महीने तक शिशॠके लिठमां का दूध ही सही होता है। इसके अलावा, उसे ठोस खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ छठे महीने से या उसके बाद से ही देने चाहिठ(18)।
मेरा बचà¥à¤šà¤¾ रात में कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ जागता है?
जनà¥à¤® के बाद शिशà¥à¤“ं को सामानà¥à¤¯ दैनिक पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में ढलने में समय लगता है। हालांकि, 24 घंटे में से 12-16 घंटे सोकर ही बिताते हैं, लेकिन इनमें से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय वो दिन में सोते हैं। यही कारण है कि अकà¥à¤¸à¤° रात को उनकी नींद खà¥à¤² जाती है। कà¤à¥€-कà¤à¥€ à¤à¥‚ख लगने या फिर अपने आसपास किसी के होने के अहसास पर à¤à¥€ वो रात को नींद से उठजाते हैं (12)।
अपने शिशॠके विकास में सहयोग करने के लिठआप उसके साथ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय बिताà¤à¤‚। साथ ही उसे खेलने के लिठपà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ करें और कà¥à¤› देर के लिठबाहर पारà¥à¤• में घà¥à¤®à¤¾à¤¨à¥‡ ले जाà¤à¤‚। इससे आप अपने शिशॠमें सकारातà¥à¤®à¤• विकास होते हà¥à¤ देखेंगे। शिशॠकी सही देखà¤à¤¾à¤² करने से ही उसे सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ जीवन मिल सकता है।
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